होला महुला के शुभ अवसर पर नमस्तक होने का मौक़ा मिला और अकाली – भाजपा का मंच भी साँझा किया।

गुरू गोविंद सिंह जी द्वारा अपनी होंद (अपने आप को )को पहचाने व छुपी प्रतिभा दिखाने के लिये होली पर होला मुहला की प्रथा की शुरूआत की की थी। आज उसी केशगढ श्री आंनदपुर साहिब की धरती पर होला महुला के शुभ अवसर पर नमस्तक होने का मौक़ा मिला और अकाली – भाजपा का मंच भी साँझा किया।

Related posts

Leave a Comment